Home कविताएं ‘तुमने अभी उस आदमी से क्या कहा ?’

‘तुमने अभी उस आदमी से क्या कहा ?’

0 second read
0
0
230

‘तुमने अभी उस आदमी से क्या कहा ?’

‘मैंने उसे जल्दी करने को कहा.’

‘तुम्हें उसे जल्दी करने को कहने का क्या अधिकार है ?’

‘मैं उसे जल्दी करने के पैसे देता हूं.’

‘तुम उसे कितना पैसा देते हो ?’

‘4 डॉलर रोजाना.’

‘तुम्हारे पास ये पैसा कहां से आता है ?’

‘मैं चीजें बेचता हूं.’

‘उन चीजों को कौन बनाता है ?’

‘वो आदमी बनाता है.’

‘वो रोज कितनी चीजें बनाता है ?’

’10 डॉलर की.’

‘इसका मतलब है तुम उसे पैसा नहीं देते,
बल्कि वो तुम्हें 6 डॉलर रोज देता है ताकि
तुम निठल्ले रहकर उसे जल्दी करने को कह सको.’

‘अरे, लेकिन मशीनों का मालिक तो मैं हूं.’

‘तुम्हारे पास मशीनें कैसे आईं ?’

‘चीजें बेचकर खरीदीं.’

‘वो चीजें किसने बनाईं थीं ?’

‘चुप, कहीं वो तुम्हारी बात सुन न ले !’

  • 1937 के एक अमरीकी ट्रेड यूनियन परचे का हिंदी अनुवाद

प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate
G-Pay
G-Pay
Load More Related Articles
Load More By ROHIT SHARMA
Load More In कविताएं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

‘Coup pour Coup’ (Blow for Blow) : फ्रांस के टेक्सटाइल महिला मजदूरों की कहानी

‘Coup pour Coup’ (Blow for Blow). यह फिल्म फ्रांस के टेक्सटाइल महिला मजदूरों की कहानी है. …