Home लघुकथा ओबीसी और सवर्ण जज का बहस

ओबीसी और सवर्ण जज का बहस

1 second read
0
0
290

ओबीसी – हुज़ूर हमारा आरक्षण ख़त्म मत कीजिए. यह संवैधानिक व्यवस्था है.

सवर्ण जज – लेकिन आपके पिछड़ेपन का आंकड़ा कहां है ?

ओबीसी – केंद्र सरकार ने 2011-2015 में जाति जनगणना कराई थी, उनसे मांगिए.

सवर्ण जज – वो हम नहीं मांगेंगे.

ओबीसी – सरकार को नई जाति जनगणना करने का आदेश दीजिए.

सवर्ण जज – वो हम नहीं करेंगे.

ओबीसी – फिर आंकड़ा आएगा कहां से ?

सवर्ण जज – वो हम नहीं जानते लेकिन आंकड़े के बिना आरक्षण नहीं.

ओबीसी – लेकिन सवर्ण EWS में आपने आंकड़ा नहीं मांगा.

सवर्ण जज – वह हमारा दैवी आरक्षण है. आप लोग तो आंकड़ा दीजिए.

ओबीसी – लेकिन … ?

  • दीलिप सी. मंडल

प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें]

Load More Related Articles
Load More By ROHIT SHARMA
  • आग का बीज

    एक छोटे गांव में एक विधवा स्त्री पेलाग्रे रहती थी, जिसका बेटा पावेल मजदूरों की हड़ताल में …
  • सोचेगा सिर्फ राजा…या फिर बागी, सोचना बगावत हुई

    मुखबिर की खबर पर, पुलिस बल थाने से निकला. सशस्त्र जवानों ने जंगल में उजाड़ खंडहर घेर लिया. …
  • आखिर बना क्या है फिर ?

    एक अप्रवासी भारतीय काफी समय बाद भारत वापस लौटता है. एयरपोर्ट पर उतरते ही उसको लेने आये अपन…
Load More In लघुकथा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

‘Coup pour Coup’ (Blow for Blow) : फ्रांस के टेक्सटाइल महिला मजदूरों की कहानी

‘Coup pour Coup’ (Blow for Blow). यह फिल्म फ्रांस के टेक्सटाइल महिला मजदूरों की कहानी है. …