Home गेस्ट ब्लॉग जिन्ना पर विवादः सवालों के घेरे में मोदी सरकार

जिन्ना पर विवादः सवालों के घेरे में मोदी सरकार

8 second read
Comments Off on जिन्ना पर विवादः सवालों के घेरे में मोदी सरकार
0
1,282

[ए.एम.यू. के पूर्व छात्र ने इन एंकर्स के नाम खुला ख़त लिखकर चुभते हुए सवाल पूछे हैं. मगर अपनी गरिमा को चंद सिक्के खातिर गिरवी रख चुके इन एंकरों का जवाब शायद ही मिल पाये. लेखक क़मर क्रान्ति अलीगढ़ मुस्लिम यूनीवर्सिटी के पूर्व छात्र हैं व ये उनके निजी विचार हैं ]

जिन्ना पर विवादः सवालों के घेरे में मोदी सरकार

डीयर सरदाना, अंजना, अवस्थी व अर्नब,

कुछ संघी गुंडे पुलिस संरक्षण के साथ जैसा कि सामने आए वीडियो में साफ-साफ दिख रहा है भूतपूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी जी पर प्रायोजित हमले के उद्देश्य से जबरन विश्वविद्यालय में घुसने की कोशिश करते हैं. युनिवर्सिटी गार्ड को मारते हैं. विरोध करने वाले छात्रों पर कट्टा तान देते हैं जबकि पुलिस मुकदर्शक बनी रहती है. कुछ घंटों के बाद छात्र जब एफ. आई. आर. दर्ज कराने की मांग करते हैं तो एफ. आई. आर. न दर्ज करके उल्टा छात्रों पर बर्बरतापूर्ण लाठी चार्ज किया जाता है.

अब जब छात्र गुंडों की गिरफ्तारी की मांग के लिए शांतिपूर्ण धरना पर बैठे हुए हैं तो आप सभी टीवी चैनल उसे जिन्ना के समर्थन में हो रहा आंदोलन बता रहे हैंं. आप पूरे दिन-रात टीवी के माध्यम से देश को गलत जानकारियों से भ्रमित कर रहे हैं ! हम आपकी मजबूरी समझते हैं. आप की मजदूरी का सवाल होगा लेकिन देशहित में आपको अपनी मजदूरी नहीं बल्कि देश के बारे में सोचना चाहिए और इसी क्रम में आप सभी एंकरों से आग्रह है कि निम्नलिखित सवालों का जवाब देने का कष्ट करें :

टीवी डिबेट में जाने वाले अलीग के छात्रों लॉजिकल बनिये, रीजनिंग का इस्तेमाल करिए और नीचे लिखे सवालों का जवाब एंकरों से ज़रूर पूछिए.

क्या जिन्ना की तस्वीर सिर्फ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से तस्वीर हटना चाहिए या जहां-जहां है वहां वहां से भी ? तो आप बताएं कि बाकी जगहों से कब हट रहा है ? क्या आप एक दिन और समय तय कर सकते हैं ? ताकि हम भी उसी वक्त हटा देंगे ! क्या आप में हिम्मत है एक तय समय पर सभी जगहों से हटाने का ? क्या आप इस बारे में सरकारी आदेश हर राज्य और ज़िला को जारी कर सकते हैं ?? एक विलेन की तस्वीर हटाने के लिए सरकारी आदेश क्यूं नहीं जारी कर सकते ?? तो फिर यह क्यूं न माना जाए कि आप यह नाटक सिर्फ़ देश को बांटने और आपस में नफ़रत फैलाने के लिए कर रहे हैं !!!

क्या जिन्ना भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का हीरो था या यूं पूछ लें कि क्या भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में जिन्ना का कोई योगदान था ?? हां या ना में जवाब दें. अगर है तो क्या आप उसके नाम को हटा कर मोदी या अमित शाह कर देंगे ? और क्या आप स्कूल , कॉलेज और विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जाने वाली उन इतिहास के किताबों को अविलंब हटा देंगे जहां-जहां जिन्ना और उसके योगदान का ज़िक्र है ? अगर नहीं तो फिर तस्वीर पर बवाल क्यूं ?? जिन्ना ने तीन दशकों से अधिक गांधी जी, सरदार पटेल, बाल गंगाधर तिलक, जवाहर लाल नेहरू आदि के साथ स्वाधीनता की लड़ाई लड़ी तो क्या आप उन पन्नों को जलाने के लिए तैयार हैं जिन पन्नों पर गांधी जी और जिन्ना दोनों के योगदान का ज़िक्र है ?? अगर हैं तो हम तस्वीर को हटा लेते हैं !

क्या आप अभी से देश के तमाम छात्र-छात्राओं को यह पढ़ाएंगे कि स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक का केस जिन्ना ने नहीं सावरकर ने लड़ा था ?? फोटो तो हम हटा देंगे लेकिन आप यह सत्य कैसे हटाएंगे ?? वह तरीका आप बता दें, हम तस्वीर भी हटा देंगे !

अगर जिन्ना विलन है तो उसकी हिमायत करने वाला, उसको मरणोपरांत श्रद्धांजलि देने वाला भी विलेन हुआ और ऐसा करने वाला यदि भारतीय है तब तो सीधे देशद्रोही हुआ, तो अब बताएं कि 1948 में जिस संविधान सभा ने जिन्ना को श्रद्धांजलि दी उसे देशद्रोही कब घोषित कर रहे हैं ??

विलेन का साथी विलेन होता है तो फिर बताएं कि जिन्ना के साथ सरकार बनाने वाला सावरकर और श्यामा प्रसाद मुखर्जी को विलेन और देशद्रोही कब घोषित कर रहे हैं ??

क्योंकि जिन्ना ने अलग देश कि मांग कि इसलिए वह देश का विलेन माना जाता है ! चलिए इस पर गहन डिबेट न करते हुए मान लेते हैं कि अलग देश की मांग करके जिन्ना ने गलती की ! तो फिर यह बताएं कि अलग देश की मांग जिन्ना ने कब किया और सावरकर ने “टु-नेशन थ्योरी” कब दी ??

इतिहास सबुत के साथ साफ-साफ कहता है कि देश विभाजन की पहली नींव “टु-नेशन थ्योरी” थी जिसे सावरकर और गोलवलकर ने दी थी, तो फिर बताएं कि सावरकर और गोलवलकर देश का विलेन कैसे नहीं हुआ ?? साथ ही आप यह भी बताएं कि जिस हिंदू सभा और उसके नेताओं ने सिंध प्रांत को अलग करने की मांग की थी, वह आज तक हीरो कैसे हैं ?? क्या आप हिंदू महासभा, गोलवलकर और सावरकर को विलेन घोषित करेंगे ???

रौलेक्ट एक्ट का 1919 में जिन्ना ने ज़बरदस्त तरीके से विरोध किया. ‘आइ एम इंडियन फर्स्ट इंडियन सेकेंड एंड इंडियन लास्ट’ जैसे बेहतरीन नारों वाला मशहूर भाषण आज भी मौजूद है ! क्या आप इसको इतिहास से मिटा सकते हैं ? और यह कैसे मिटाएंगे वह तरीका बता दिजिए उसी तरीके से फोटो भी हटा देंगे ?

जिस जिन्ना को आप हम विलेन कहते हैं उसे सरोजनी नायडू ने हिंदू-मुस्लिम एकता का एम्बेसडर कहा था तो आप सरोजनी नायडू को देशद्रोही और विलेन कब घोषित कर रहे हैं ??

जिन्ना की एकलौती बेटी की औलादें आज देश का प्रसिद्ध बिजनेस हाउस है जिसे हम आप वाडिया ग्रुप के नाम से भी जानते हैं, जो किंग्स इलेवन पंजाब से लेकर गो-एयर के मालिक हैं, आप उसे देश से कब निकाल रहे हैं ? जिन्ना जैसे विलेन का बच्चा जब देशभक्त हो सकता है तो जिन्ना को नकारने वाले हम भारतीय मुस्लिम देशद्रोही कैसे हुए ???

अंग्रेज़ों की मुख़बरी करने वाला, अंग्रेजों की मांगों को मानने वाला देशभक्त होगा या अंतिम सांस तक अंग्रेजों का विरोध करने वाला ?? तो आप बताइए कि जिन्ना ने अंग्रेजों का साथ दिया था या गोलवलकर और सावरकर ने ?? तो फिर बताएं कि अंग्रेजों का साथ देनेवाला देशभक्त कैसे हुआ ?? गोलवलकर और सावरकर को देशद्रोही और विलेन कब घोषित कर रहे हैं ??

यदि जिन्ना देश का विलेन था और हिन्दू महासभा के नेता सावरकर व गोलवलकर आदि को देश से अति प्रेम था तो उन्होंने जिन्ना जैसे विलेन की हत्या न करवाकर गांधी जी की हत्या क्यूं करवाई ! और देश के बापू की हत्या करवाने वाले विलन न होकर नायक कैसे हुए ?? और आज देश में गोडसे मंदिर कैसे मौजूद है ? क्या यह माना जाए कि हमारे देश में … ?

आखिरी सवाल : देश और देश के लोगों का सबसे ज़्यादा कत्ल और नुकसान किसने किया ?? अंग्रेज़ों ने या जिन्ना ने ?? तो फिर बताएं कि अंग्रेजों की मुर्तियां कब तोड़ रहे हैं ?? अंग्रेज़ों की तस्वीर कब हटा रहे हैं ?? अंग्रेज़ों के साथ क्रिकेट खेलना कब बंद कर रहे हैं ?? अंग्रेज़ों का सामान इस्तेमाल करना कब बंद रहे हैं ?? अंग्रेज़ों को विलेन कहना और लिखना कब शुरू कर रहे हैं ??

Read Also –

नस्लीयराष्ट्रवाद : बहुदलीय संविधानवाद से एकदलीय सर्व-सत्तावाद की ओर
कोबरा पोस्ट की खोजी रिपोर्ट: पैसे के लिए कुछ भी छापने को राजी बिकाऊ भारतीय मीडिया

[प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे…]

Load More Related Articles
Load More By ROHIT SHARMA
Load More In गेस्ट ब्लॉग
Comments are closed.

Check Also

‘Coup pour Coup’ (Blow for Blow) : फ्रांस के टेक्सटाइल महिला मजदूरों की कहानी

‘Coup pour Coup’ (Blow for Blow). यह फिल्म फ्रांस के टेक्सटाइल महिला मजदूरों की कहानी है. …