'यदि आप गरीबी, भुखमरी के विरुद्ध आवाज उठाएंगे तो आप अर्बन नक्सल कहे जायेंगे. यदि आप अल्पसंख्यकों के दमन के विरुद्ध बोलेंगे तो आतंकवादी कहे जायेंगे. यदि आप दलित उत्पीड़न, जाति, छुआछूत पर बोलेंगे तो भीमटे कहे जायेंगे. यदि जल, जंगल, जमीन की बात करेंगे तो माओवादी कहे जायेंगे. और यदि आप इनमें से कुछ नहीं कहे जाते हैं तो यकीं मानिये आप एक मुर्दा इंसान हैं.' - आभा शुक्ला
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लघुकथा

अजय मोदी संवाद

आओ-आओ अजय, आओ. घबराए हुए से लग रहे हो ! सर गलती हो गई. घबराहट में पत्रकारों से कुछ ज्यादा ही नाराज हो गया. सुन रहा हूँ, मुझसे इस्तीफा माँगा जाएगा. माफी मांगने आया हूँ सर. मुझे उलटा लटका देना मगर इस्तीफा मत माँगना सर. आप मेरे माई-बाप से भी अधिक हो. आप से ज्यादा मैंने पूरे जीवन में किसी …

ओबीसी और सवर्ण जज का बहस

ओबीसी – हुज़ूर हमारा आरक्षण ख़त्म मत कीजिए. यह संवैधानिक व्यवस्था है. सवर्ण जज – लेकिन आपके पिछड़ेपन का आंकड़ा कहां है ? ओबीसी – केंद्र सरकार ने 2011-2015 में जाति जनगणना कराई थी, उनसे मांगिए. सवर्ण जज – वो हम नहीं मांगेंगे. ओबीसी – सरकार को नई जाति जनगणना करने का आदेश दीजिए. सवर्ण जज – वो हम नहीं …

‘ओ लोगों, क्या मैं इसे मार दूं ?’

वह जूडाई का गवर्नर था. जूडाई रोमन राजाओ का जीता हुआ इलाका था. साम्प्रदायिक तनाव के बीच एक अशान्त एशियन इलाका. झगड़े झंझट रोज की बात थे. रोमन सैनिक से पॉलिटिशियन तक का सफर तय करने वाले पाइलेट को, गवर्नर बने रहना रहना था. गवर्नर होने का मतलब इलाके को शांत रखो, कब्जे में बनाये रखो और ज्यादा से ज्यादा …

वामपंथियों ने इतिहास से लुप्त कर दिया एक कड़वा सच : ममी की पुकार

वामपंथियों ने इतिहास से लुप्त कर दिया एक कड़वा सच – गोरखपुर के नजदीक एएसआई की खुदाई चल रही थी. वहां एक ममी पाई गई, जो बिल्कुल मिस्री परम्परा के मुताबिक बनाई हुई थी. भारत के इतिहास में ममी का मिलना अपने आपमे एक नई घटना थी, जिससे इतिहास के नए सफहो पर प्रकाश पड़ता. चार फुट की उस ममी …

शराबी बुजुर्ग – ‘अब कोई बांझ नहीं कहेगा’

आधी रात का समय था. रोज की तरह एक बुजुर्ग शराब के नशे में अपने घर की तरफ जाने वाली गली से झूमता हुआ जा रहा था. रास्ते में एक खंभे की लाइट जल रही थी. उस खंभे के ठीक नीचे एक 15 से 16 साल की लड़की पुराने फटे कपड़े में डरी सहमी सी अपने आंसू पोछते हुए खड़ी …

मूर्ति पूजा

एक राजा था, वह मूर्तिपूजा का घोर विरोधी था. एक दिन एक व्यक्ति उसके राज दरबार में आया और राजा को ललकारा – हे राजन ! तुम मूर्ति पूजा का विरोध क्यों करते हो ? राजा बोला – आप मूर्ति पूजा को सही साबित करके दिखाओ मैं अवश्य स्वीकार कर लूंगा. व्यक्ति बोला – राजन यदि आप मूर्ति पूजा में …

वाल्मीकि

मैं भी ख़ुश था ‘वाल्मीकि’ शब्द अपनाकर लेकिन उसने मेरा सारा भरम तोड़ दिया. बात उन दिनों की है जब मेरा एडमिशन इंटर कॉलेज की कक्षा 6 में हुआ था. नए स्कूल में तमाम नए और अजनबी छात्र मिले. हर कोई मुझसे मेरी जाति जानना चाहता था. उनमें से अधिकांश को इससे कोई मतलब नहीं था कि मैं भी साफ़ …

पिता-पुत्र संवाद : भगवान बनाम मानव

एक लड़का अपने पिताजी से सवाल करता है – लडका – पापा मुझे स्कूल में पढाया गया कि इंसान पहले आदिमानव था, यह सच है क्या ? पापा – हां बेटा, इंसान पहले आदिमानव था. लडका – फिर तो वो शरीर पर कपड़े नहीं पहनते रहे होंगे ? पापा – नहीं बेटा, इंसान के जीवन मे धीरे-धीरे प्रगति हुई. इंसान …

कॉल पर ऑनलाइन लोन

  बड़ा तगड़ा प्रेशर था ऑनलाइन लोन बेचने का. डेढ़ सौ कस्टमर्स की लिस्ट पकड़ा दी गई. सबको कॉल करो और लोन लेने के लिए कन्विंस करो (गिड़गिड़ाओ). अब सात तो ब्रांच का रायता समेटते-समेटते ही बज गए थे. मन घर जाने का कर रहा था कि अचानक साहब का फ़ोन आ गया – ‘कितने लोगों को कॉल किया ऑनलाइन …

अथ वीर सावरकर कथा

वीर सावरकर सिर्फ नाम से ही वीर नहीं थे. जिगर और कलेजे से भी वीर थे. फिरंगी उनके नाम से ही थर-थर कांपते थे और हमेशा पैंट के अंदर डायपर पहनते थे. हिंदुस्तान में व्यापार करने के लिए अंग्रेज वीर सावरकर को ₹60 महीना रंगदारी देते थे. देखा जाए तो वीर सावरकर हिंदुस्तान के पहले हफ्ता वसूली करने वाले भाई …

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