सोचो कि तुम सज धज कर मुझसे मेरे घर मिलने आई हो पहली बार और मैं तुम्हें वहां ब्रुकलिन ब्रिज पर खड़ा मेडुसा वध की भंगिमा में मिलूं राक्षसी को उसके झोंटे से पकड़ कर उसके सीने में छुरा घोंपते हुए नहीं नहीं यह शूर्पणखा के नाक काटने से कुछ अलग बात है मेरे चेहरे और सारे शरीर पर भीषण …
अभिसारिका
