कहानियां इंसानी सभ्यता की सबसे पुरानी दोस्त रही हैं. इंसान ने जब से भाषा ईजाद की, जब से एक-दूसरे से बोलना सीखा, जब से कल्पना करना शुरू किया, तब से कहानी शुरू हो गई. दरअसल हर चीज़ एक कहानी है- यह दुनिया भी, इसका विकास भी, इसमें रहने वाले लोग भी, उनके क़िस्से भी, असली वृत्तांत भी, नक़ली कल्पनाएं भी, …
कहानी के बाहर नहीं होता कहानी का शिल्प
