Home ब्लॉग सोशल एक्सपेरिमेंट प्रैंक : भारत-पाकिस्तान की आम आवाम

सोशल एक्सपेरिमेंट प्रैंक : भारत-पाकिस्तान की आम आवाम

6 second read
0
1
817

सोशल मीडिया आम अवाम के हाथों में विज्ञान द्वारा दिया गया एक ऐसा अस्त्र है, जिससे वह अपने मिजाज को दुनिया के सामने रखता है. इसी सोशल मीडिया के एक प्लेटफार्म है यू-ट्यूब. सोशल मीडिया के इस प्लेटफार्म (यू-ट्यूब) पर काम करने के लिए थोड़ी अतिरिक्त योग्यता की जरूरत होती है, बावजूद इसके दुनिया भर में लोग इस प्लेटफार्म पर काम कर रहे हैं और आम आदमी के बीच जाकर प्रैंक्स के माध्यम से लोगों की भावनाओं को दुनिया के बीच उकेड़ते हैं.

आज जब मुख्य धारा की मीडिया शासक की तलबा चाटने में मशगूल है और अब उसके एजेंडे – पाकिस्तान, हिन्दू-मुस्लिम – पर दिन रात सत्ता का कीर्तन करना रह गया है, ऐसे वक्त में यू-ट्यूबर आम लोगों के बीच जाकर आम अवाम की भावनाओं – हिन्दू मुस्लिम एकता, भारत पाकिस्तान के आम अवाम की भाईचारे – दुनिया के सामने ला रहे हैं और शासकों और उसके तलबाचाटु दलाल मीडिया का भयावह खूंखार चेहरा उजागर कर रहे हैं. आज हम ऐसे ही यू-ट्यूबर्स के कुछ वीडियो को यहां देखेंगे.

सोशल एक्सपेरिमेंट प्रैंक – 01 : यह एक्सपेरिमेंट भारत में आम लोगों के बीच किया गया है.

सोशल एक्सपेरिमेंट प्रैंक – 02 :यह एक्सपेरिमेंट भारत में आम लोगों के बीच किया गया है.

सोशल एक्सपेरिमेंट प्रैंक – 03 : यह एक्सपेरिमेंट पाकिस्तान स्थित आम लोगों के बीच किया गया है.

सोशल एक्सपेरिमेंट प्रैंक – 04 : यह एक्सपेरिमेंट भारत में आम लोगों के बीच किया गया है.

सोशल एक्सपेरिमेंट प्रैंक – 05

सोशल एक्सपेरिमेंट प्रैंक – 06 : यह एक्सपेरिमेंट पाकिस्तान स्थित आम लोगों के बीच किया गया है.

सोशल एक्सपेरिमेंट प्रैंक – 07 : यह एक्सपेरिमेंट पाकिस्तान स्थित आम लोगों के बीच किया गया है.

सोशल एक्सपेरिमेंट प्रैंक – 08 : यह एक्सपेरिमेंट पाकिस्तान स्थित आम लोगों के बीच किया गया है.

सोशल एक्सपेरिमेंट प्रैंक – 09 : यह एक्सपेरिमेंट भारत में आम लोगों के बीच किया गया है.

सोशल एक्सपेरिमेंट प्रैंक – 10 : यह एक्सपेरिमेंट पाकिस्तान स्थित आम लोगों के बीच किया गया है.

उपर्युक्त सोशल एक्सपेरिमेंट के तहत किये जा रहे हैं ये 10 प्रैंक्स साबित करते हैं कि भारत और पाकिस्तान की आम आवाम मिलजुल कर और भाईचारे के साथ रहना चाहती है. उनका आपस में किसी भी प्रकार का दुरव्यवहार या एक-दूसरे को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं चाहते हैं. परन्तु दोनों ही देश के शासक वर्ग और उसके तलबाचाटु मुख्यधारा की मीडिया देश की आवाम के दिमाग में एक-दूसरे के खिलाफ जहर भरना चाहते हैं. उपर्युक्त सोशल एक्सपेरिमेंट यह भी दर्शाता है कि लगतार चलाये जा रहे शासक वर्ग और उसके मीडिया के दुश्प्रचार का शिकार पाकिस्तान के वजाय कुछ हद तक भारत के कुछ सनकी लोग तो प्रभावित हुए हैं, परन्तु विशाल आवाम आज भी इस दुश्प्रचार से बहुत दूर हैं और आपसी भाईचारे को मजबूत बनाना चाहते हैं, जिसके आड़े यह सत्ताधारी और जहर उगलती मुख्यधारा की मीडिया आती है.

Read Also –

राष्ट्रवाद के नाम पर आगे बढ़ता संघ का देशद्रोही एजेंडा
देश में बलात्कार और मॉबलिंचिंग को कानूनन किया जा रहा है ?
नेशनल रजिस्टर ऑफ़ इंडियन सिटिजनशिप (NRC)
रैमन मेग्सेसे अवॉर्ड में रविश कुमार का शानदार भाषण
अतीत में महान होने के नशे में डूब जाना गुलामी का रास्ता खोलता है

प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे…]

Load More Related Articles
Load More By ROHIT SHARMA
Load More In ब्लॉग

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

‘Coup pour Coup’ (Blow for Blow) : फ्रांस के टेक्सटाइल महिला मजदूरों की कहानी

‘Coup pour Coup’ (Blow for Blow). यह फिल्म फ्रांस के टेक्सटाइल महिला मजदूरों की कहानी है. …