अब जब यह निर्विवाद रूप से साबित हो गया है कि भारत में शासक वर्ग अपनी बढ़ती अय्याशी की पूर्ति के लिए देश में आये दिन पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में बढ़ोत्तरी कर रही है. जिस कारण यातायात में वस्तुओं की कीमतें बढ़ जाती है और मंहगाई ‘डायन खाये जात हअ’ की तर्ज पर बढ़ती चली जा रही है. ऐसे में शासकों ने सोशल मीडिया पर अपने गुंडे बिठा रखे हैं जो इस बढ़ती कीमतों को भी ‘देशभक्ति’ और ‘देश का विकास’ बता रहा है. इसके साथ ही वे गुंडे, विरोध करने वाले लोगों को देशद्रोही भी कहने से बाज नहीं आ रहे हैं. यहां तक कि आगे बढ़कर उनकी हत्या तक कर रहे हैं, जो सीधे सत्ता और पुलिस की मिलीभगत से अंजाम दिया जा रहा है.
अब हम जानते हैं कि हमारे पड़ोसी मुल्कों में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें हमारे देश की तुलना में बहुत ही कम है. पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें बढ़ाने का सीधा संबंध भ्रष्टाचार से है. जर्मनी जैसे देश में जब उसकी सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ाई थी तब वहां की जनता ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए अद्भुत कदम उठाई थी. अपने वाहन सड़कों पर छोड़कर चली गईं, जिस कारण सारा कामकाज ठप्प हो गया था. सरकार ने रातों रात दाम घटा दिये. परन्तु हमारे देश में मीडिया और सोशल मीडिया पर बिठाये गये गुंडों ने पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ाने को भी ‘देशभक्ति’ और ‘विकास’ का पर्याय बना दिया है.
सोशल मीडिया पर बिठाये गये गुंडों ने पेट्रोलियम पदार्थों के कीमतों में बेहिसाब बढ़ोतरी को कुछ इस तरह देशभक्तिपूर्ण बता रहे हैंः “₹30 का पेट्रोल सरकार ₹80 में क्यों बेचती है ? ऐसा पूछने वाले एक बार ये भी तो पूछे कि ₹16 में गेहूं खरीदकर सरकार ₹2 में क्यों बेचती है ? ₹50 का केरोसिन ₹15 में क्यों बेचती है ? ₹40 कि शक्कर ₹26 में क्यों बेचती है ? ₹25 का चावल खरीदकर ₹1 में क्यों बांंटती है ? लाखों रुपये टीचरों को तनख्वाह देकर बच्चों को मुफ्त क्यों पढ़वाती है ? 6 करोड़ शौचालय मुफ्त में क्यों बनवाती है ? 3 करोड़ गैस चूल्हे मुफ्त में क्यों बांंटती है ? ये भी पूछो. दरअसल अपने बच्चों को 15 की माइलेज देनेवाली 2-2 लाख की महंगी बाईक वाले ही अक्सर ऐसे सवाल करते हैं.” ये अपनी “देशभक्तिपूर्ण” वक्तव्य का अंत “जय भारत माता की” के साथ करते हैं.
कहना नहीं होगा ये भक्त गुंडों की शक्लों में देशवासियों को धमकाते हैं, उनके साथ बलात्कार करने की धमकी देते हैं गोया मंहगाई का विरोध करना देशद्रोह का अपराध है.
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