Home ब्लॉग प्रतिरोध के स्वर और हम

प्रतिरोध के स्वर और हम

2 second read
0
0
789

प्रतिरोध के स्वर और हम
अब जब यह निर्विवाद रूप से साबित हो गया है कि भारत में शासक वर्ग अपनी बढ़ती अय्याशी की पूर्ति के लिए देश में आये दिन पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में बढ़ोत्तरी कर रही है. जिस कारण यातायात में वस्तुओं की कीमतें बढ़ जाती है और मंहगाई ‘डायन खाये जात हअ’ की तर्ज पर बढ़ती चली जा रही है. ऐसे में शासकों ने सोशल मीडिया पर अपने गुंडे बिठा रखे हैं जो इस बढ़ती कीमतों को भी ‘देशभक्ति’ और ‘देश का विकास’ बता रहा है. इसके साथ ही वे गुंडे, विरोध करने वाले लोगों को देशद्रोही भी कहने से बाज नहीं आ रहे हैं. यहां तक कि आगे बढ़कर उनकी हत्या तक कर रहे हैं, जो सीधे सत्ता और पुलिस की मिलीभगत से अंजाम दिया जा रहा है.

अब हम जानते हैं कि हमारे पड़ोसी मुल्कों में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें हमारे देश की तुलना में बहुत ही कम है. पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें बढ़ाने का सीधा संबंध भ्रष्टाचार से है. जर्मनी जैसे देश में जब उसकी सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ाई थी तब वहां की जनता ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए अद्भुत कदम उठाई थी. अपने वाहन सड़कों पर छोड़कर चली गईं, जिस कारण सारा कामकाज ठप्प हो गया था. सरकार ने रातों रात दाम घटा दिये. परन्तु हमारे देश में मीडिया और सोशल मीडिया पर बिठाये गये गुंडों ने पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ाने को भी ‘देशभक्ति’ और ‘विकास’ का पर्याय बना दिया है.

सोशल मीडिया पर बिठाये गये गुंडों ने पेट्रोलियम पदार्थों के कीमतों में बेहिसाब बढ़ोतरी को कुछ इस तरह देशभक्तिपूर्ण बता रहे हैंः “₹30 का पेट्रोल सरकार ₹80 में क्यों बेचती है ? ऐसा पूछने वाले एक बार ये भी तो पूछे कि ₹16 में गेहूं खरीदकर सरकार ₹2 में क्यों बेचती है ? ₹50 का केरोसिन ₹15 में क्यों बेचती है ? ₹40 कि शक्कर ₹26 में क्यों बेचती है ? ₹25 का चावल खरीदकर ₹1 में क्यों बांंटती है ? लाखों रुपये टीचरों को तनख्वाह देकर बच्चों को मुफ्त क्यों पढ़वाती है ? 6 करोड़ शौचालय मुफ्त में क्यों बनवाती है ? 3 करोड़ गैस चूल्हे मुफ्त में क्यों बांंटती है ? ये भी पूछो. दरअसल अपने बच्चों को 15 की माइलेज देनेवाली 2-2 लाख की महंगी बाईक वाले ही अक्सर ऐसे सवाल करते हैं.” ये अपनी “देशभक्तिपूर्ण” वक्तव्य का अंत “जय भारत माता की” के साथ करते हैं.

कहना नहीं होगा ये भक्त गुंडों की शक्लों में देशवासियों को धमकाते हैं, उनके साथ बलात्कार करने  की धमकी देते हैं गोया मंहगाई का विरोध करना देशद्रोह का अपराध है.

Read Also –

नरेन्द्र मोदी : जनता के पैसे पर मौज
तुम बलात्कारी हो, बलात्कारियों के पक्षधर हो, औरतों के खिलाफ हो
विदेशी कंपनियों के मुनाफा के लिए लोगों का जीवन बरबाद कर रही है सरकार
निजी होती अर्थव्यवस्था की तेज रफ्तार किसके लिए ?

[प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे…]

Load More Related Articles
Load More By ROHIT SHARMA
Load More In ब्लॉग

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

‘Coup pour Coup’ (Blow for Blow) : फ्रांस के टेक्सटाइल महिला मजदूरों की कहानी

‘Coup pour Coup’ (Blow for Blow). यह फिल्म फ्रांस के टेक्सटाइल महिला मजदूरों की कहानी है. …