Home लघुकथा सेठ जी का पैसा

सेठ जी का पैसा

0 second read
0
0
153

एक सेठ जी एक करोड़ रूपया नगद लेकर ट्रेन में सफर कर रहे थे. अपने आप को सुरक्षित करने के लिए उन्होंने आसपास के लोगों से कहा – ‘भैया आपके पास जो भी नगदी या जेवर हो उसे संभाल कर रखना क्योंकि अब जो इलाका आ रहा है, वहां चोरी बहुत होती है. रात को सोना मत, जागते रहना.’

आसपास के लोगों के पास एक या दो हज़ार नगदी, कुछ औरतों के पास छोटे-मोटे कान या गले के जेवर थे. वह सभी लोग रात भर जागते रहे. सेठ जी आराम से सो गए.

सुबह सेठ जी ने अपना पैसा देखा, वह सुरक्षित था.

  • हिमांशु कुमार

प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate
G-Pay
G-Pay
Load More Related Articles

Check Also

‘Coup pour Coup’ (Blow for Blow) : फ्रांस के टेक्सटाइल महिला मजदूरों की कहानी

‘Coup pour Coup’ (Blow for Blow). यह फिल्म फ्रांस के टेक्सटाइल महिला मजदूरों की कहानी है. …