Home कविताएं इसके निशाने पर है हिंदुस्तान !!

इसके निशाने पर है हिंदुस्तान !!

0 second read
0
0
454

जब एक दिन
मार दिया जाएगा आख़िरी जुनैद
और रक्ताभिषेक करके सारे राष्ट्रीय चिन्हों के ऊपर
हुआ तो राष्ट्रध्वज में चक्र की जगह
स्थापित कर दिया जाएगा खंज़र.
तब क्या निबट जाएगा सारा हिसाब ?

नहीं –
निष्काम योगी या औलिया या पीर नहीं होते खंज़र.
उनके अस्तित्व की शर्त है, उनका काम में लगे रहना.
इसके बाद वह
नापेगा किसी शूद्र की, किसी आदिवासी की गर्दन,
फिर चींथेंगा किसी किसान को
फिर घोंपा जाएगा कोई मजूर, फिर कोई गरीब.

इन लीग मैचों को जीतते हुए
दाखिल होगा खन्जर नॉकआउट दौर में
अपने अपने ढोलकियों के साथ
गुर्जर मीणाओं को, जाट पटेलों को,
धोबी माली को, कुर्मी कुशवाह को
ढीमर कोरियों को
शिया सुन्नी को
उड़िया बिहारी को, गोरखा बंगाली को, बोडो उल्फा को
ये उसको और वो इसको हराएगा जिताएगा
कब्र में सुलायेगा.

सेमीफाइनल में भिड़ेगी तलवार चोटी से,
जीतेगा खंज़र.

फाइनल खेलने लौटेगा खंज़र, खुद अपने घर
नहीं बचेगा
उसको थामने वाले के मुंह और पोतड़े पोंछने वाला
मांं का आंंचल भी.
उसे भी मिलेगी स्त्री होने के गुनाह की शास्त्र सम्मत सजा.
गोद दी जायेंगी,
दड़बे में बन्द होने से ना करने वाली बहनें, बेटियां
बिस्तर की बंधुआ बनने में नानुकुर करने वाली पत्नियां.

भयावह है यह सब लिखना
किन्तु मात्र सदिच्छाओं से नही टलते प्रकोप
क्यूंकि नफ़रत, बस नफरत होती है
दुश्मन की तलाश में पागल और उन्मादी
बाहर न बचे तो घर में ही ढूंढ लेती है शिकार
मुश्किल हो या आसान.
इसके लिए न कोई अयूब पण्डित है न जुनैद
इसके निशाने पर है हिंदुस्तान !!

  • बादल सरोज/29.06.2020

[प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

ROHIT SHARMA

BLOGGER INDIA ‘प्रतिभा एक डायरी’ का उद्देश्य मेहनतकश लोगों की मौजूदा राजनीतिक ताकतों को आत्मसात करना और उनके हितों के लिए प्रतिबद्ध एक नई ताकत पैदा करना है. यह आपकी अपनी आवाज है, इसलिए इसमें प्रकाशित किसी भी आलेख का उपयोग जनहित हेतु किसी भी भाषा, किसी भी रुप में आंशिक या सम्पूर्ण किया जा सकता है. किसी प्रकार की अनुमति लेने की जरूरत नहीं है.

Load More Related Articles
Load More By ROHIT SHARMA
Load More In कविताएं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

‘Coup pour Coup’ (Blow for Blow) : फ्रांस के टेक्सटाइल महिला मजदूरों की कहानी

‘Coup pour Coup’ (Blow for Blow). यह फिल्म फ्रांस के टेक्सटाइल महिला मजदूरों की कहानी है. …