सैन्य आक्रमण से भी अधिक खतरनाक विचारों का युद्ध है.

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'मनुष्यों की चेतना उनके अस्तित्व को निर्धारित नहीं करती, बल्कि इसके विपरीत उनका सामाजिक अस्तित्व उनकी चेतना को निर्धारित करता.' - कार्ल मार्क्स

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रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने
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'साहित्य और कला राजनीति के अधीन हैं, लेकिन अपनी ओर से वे राजनीति पर बहुत बड़ा प्रभाव भी डालते हैं' - माओ त्से तुंग

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रोज़ गाय काटकर खाने वाला शैतान इजराइल दुनिया के पेट पर लात मारा है !

रोज़ गाय काटकर खाने वाला शैतान इजराइल दुनिया के पेट पर लात मारा है !

By Rohit Sharma March 22, 2026in : ब्लॉग 0 16

रोज़ गाय काटकर खाने वाला शैतान इजराइल दुनिया के पेट पर लात मारा है ! इज़राइल में मौजूद विक्षिप्त शैतानी मनोरोगी, न केवल मानवता की परवाह नहीं करते बल्कि दुनिया की 90% आबादी खत्म करना चाह

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तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: 'ऑपरेशन कगार बंद करो' और 'नरसंहार बंद करो' की मांग को लेकर नारे और रैलियां

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: 'ऑपरेशन कगार बंद करो' और 'नरसंहार बंद करो' की मांग को लेकर नारे और रैलियां

By Rohit Sharma December 22, 2025in : ब्लॉग 0 194

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: 'ऑपरेशन कगार बंद करो' और 'नरसंहार बंद करो' की मांग को लेकर नारे और रैलियां तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामन

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नेपाल : 'सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !', अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

नेपाल : 'सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !', अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

By Rohit Sharma November 24, 2025in : ब्लॉग 0 400

अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी) की केन्द्रीय समिति ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए 'सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !', का आह्वान किया है. 21 नवंबर 2025 को इसके अध्यक्ष बीरेंद्र शाह ने क्रांतिकारी छात्

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सीपीआई माओवादी के नेता हिडमा समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की फर्जी मुठभेड़ के नाम पर हत्या के खिलाफ विरोध सभा

सीपीआई माओवादी के नेता हिडमा समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की फर्जी मुठभेड़ के नाम पर हत्या के खिलाफ विरोध सभा

By Rohit Sharma November 20, 2025in : ब्लॉग 0 531

सीपीआई माओवादी के नेता हिडमा समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की फर्जी मुठभेड़ के नाम पर हत्या के खिलाफ विरोध सभा लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए एसोसिएशन 'डेमोक्रेटिक राइट्स ड

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'राजनीतिक रूप से पतित देशद्रोही सोनू और सतीश को हमारी पार्टी की लाइन की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है' : सीपीआई-माओवादी

'राजनीतिक रूप से पतित देशद्रोही सोनू और सतीश को हमारी पार्टी की लाइन की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है' : सीपीआई-माओवादी

By Rohit Sharma November 11, 2025in : ब्लॉग 0 461

'राजनीतिक रूप से पतित देशद्रोही सोनू और सतीश को हमारी पार्टी की लाइन की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है' : सीपीआई-माओवादी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की केंद्रीय समिति ने 5 नवम

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आख़िर स्तालिन के अपराध क्या था ?

आख़िर स्तालिन के अपराध क्या था ?

By Rohit Sharma November 2, 2025in : ब्लॉग 0 165

मार्क्सवाद-लेनिनवाद के उत्तराधिकारी जोसेफ स्टालिन पर सबसे ज्यादा हमले प्रतिक्रियावादी ताकतों और साम्राज्यवादी बदमाशों ने किया है. उनको सनकी, हत्यारा, रक्तपिपासु बताकर लगातार लांक्षित करने का प्रयास दशकों से किया जा रहा है. इन साम्राज्यवादी प्रतिक्रियावादी ताकत

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माओवादी महासचिव थिप्पिरि तिरुपति : एक दलित योद्धा की क्रांतिकारी यात्रा

माओवादी महासचिव थिप्पिरि तिरुपति : एक दलित योद्धा की क्रांतिकारी यात्रा

By Rohit Sharma October 17, 2025in : ब्लॉग 0 922

माओवादी महासचिव थिप्पिरि तिरुपति : एक दलित योद्धा की क्रांतिकारी यात्रा माओवाद की नई कमान में एक ऐतिहासिक चेहरा थिप्परी तिरुपति एक ऐतिहासिक परिघटना है. भारतीय वामपंथी आंदोलन के सबसे क्रा

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सीपीआई माओवादी के पांच महासचिवों का संक्षिप्त परिचय

सीपीआई माओवादी के पांच महासचिवों का संक्षिप्त परिचय

By Rohit Sharma September 16, 2025in : ब्लॉग 0 1,142

सीपीआई माओवादी के पांच महासचिवों का संक्षिप्त परिचय सीपीआई माओवादी के पांच महासचिवों का संक्षिप्त परिचय भारत के कम्युनिस्ट क्रांतिकारी इतिहास का सबसे स्वर्णिम काल है. सीपीआई माओवादी का

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अब सीआईडी जांच ने भी पुष्टि कर दी है चुनाव आयोग के फर्जीबाड़े की

अब सीआईडी जांच ने भी पुष्टि कर दी है चुनाव आयोग के फर्जीबाड़े की

By Rohit Sharma September 7, 2025in : ब्लॉग 0 568

राजनीति विज्ञानी डॉ लारेंस ब्रिट ने कुछ वर्ष पहले फासिज़्म के बारे में एक लेख लिखा था. (“Fascism Anyone?,” Free Inquiry, Spring 2003, page 20). हिटलर (जर्मनी) , मुसोलिनी (इटली), फ्रैंको (स्पेन) , सुहार्तो (इंडोनेशिया) , और पिनोशे (चिली) के फासिस्ट सरकारों का तु

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चुनाव आयोग पर उठते सवाल क्या माओवादियों को सही साबित कर रहा है ?

चुनाव आयोग पर उठते सवाल क्या माओवादियों को सही साबित कर रहा है ?

By Rohit Sharma August 22, 2025in : ब्लॉग 0 725

चुनाव आयोग पर उठते सवाल क्या माओवादियों को सही साबित कर रहा है ? 1947 में मिलीं तथाकथित आज़ादी के अगले ही पल सीपीआई के नेताओं ने ज़ोरदार नारा लगाया था - ‘यह आज़ादी झूठी है, देश की जनता

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समय और समाज

युद्ध विज्ञान

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रूस-यूक्रेन युद्ध से सीखे गए सबक को अमेरिकी सेना के सिद्धांत में शामिल करने का एक दृष्टिकोण
By Rohit Sharma December 3, 2024

रूस-यूक्रेन युद्ध से सीखे गए सबक को अमेरिकी सेना के सिद्धांत में शामिल करने का एक दृष्टिकोण

in : युद्ध विज्ञान 0 895

सारांश : यह लेख नवंबर 2024 में ऑनलाइन प्रकाशित एक विशेष रिपोर्ट पर आधारित है, जो रूस-यूक्रेन युद्ध से सीखे गए सबकों को अमेरिकी सेना के सिद्धांत में शामिल करने के लिए एक दृष्टिकोण पर केंद्रित है. लेख में बताया गया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध ने आधुनिक युद्ध के बारे

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गुरिल्ला युद्ध : सफलताएं और उसकी चुनौतियां
By Rohit Sharma November 29, 2024

गुरिल्ला युद्ध : सफलताएं और उसकी चुनौतियां

in : युद्ध विज्ञान 0 1,130

गुरिल्ला युद्ध : सफलताएं और उसकी चुनौतियां (image : A female Vietcong guerrilla) छत्तीसगढ़ के बस्तर में पुलिसिया गिरोह के साथ मुठभेड़ में 4 अक्टूबर को थुलथुली, गवाड़ी और नेन्दूर गांव के जं

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माओ त्से-तुंग : जापान के खिलाफ प्रतिरोध युद्ध की अवधि (1) जापानी आक्रमण का विरोध करने के लिए नीतियां, उपाय और दृष्टिकोण
By Rohit Sharma November 28, 2024

माओ त्से-तुंग : जापान के खिलाफ प्रतिरोध युद्ध की अवधि (1) जापानी आक्रमण का विरोध करने के लिए नीतियां, उपाय और दृष्टिकोण

in : युद्ध विज्ञान 0 774

(7 जुलाई, 1937 को जापानी साम्राज्यवादियों ने सशस्त्र बल द्वारा पूरे चीन पर कब्ज़ा करने के प्रयास में लुकोचियो घटना को अंजाम दिया. चीनी लोगों ने सर्वसम्मति से जापान के खिलाफ युद्ध की मांग की. दस दिन बीतने के बाद चियांग काई-शेक ने लुशान में जापान के खिलाफ सशस्त्

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विश्लेषण के स्तर के रूप में युद्ध का स्तर
By Rohit Sharma November 27, 2024

विश्लेषण के स्तर के रूप में युद्ध का स्तर

in : युद्ध विज्ञान 0 336

27वीं इन्फैंट्री रेजिमेंट की पहली बटालियन के टास्क फोर्स एग्जीक्यूटिव ऑफिसर मेजर डैनियल बॉर्के ने 17 जुलाई 2019 को मैकलाचलन असेंबली एरिया, शोलवाटर बे ट्रेनिंग एरिया, रॉकहैम्पटन, क्वींसलैंड, ऑस्ट्

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माओ त्से-तुंग : जापान के खिलाफ गुरिल्ला युद्ध में रणनीति की समस्याएं, मई 1938
By Rohit Sharma November 12, 2024

माओ त्से-तुंग : जापान के खिलाफ गुरिल्ला युद्ध में रणनीति की समस्याएं, मई 1938

in : युद्ध विज्ञान 0 645

[ जापान के विरुद्ध प्रतिरोध के युद्ध के आरंभिक दिनों में, पार्टी के अंदर और बाहर के बहुत से लोगों ने गुरिल्ला युद्ध की महत्वपूर्ण रणनीतिक भूमिका को कम करके आंका और अपनी आशाएं केवल नियमित युद्ध पर, और विशेषकर कुओमितांग सेनाओं के अभियानों पर टिका दीं। कॉमरेड माओ

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बदल रही है युद्ध की प्रकृति और शैली, ज़रूरत है, ‘तक़नीकी रूप से निपुण सैन्य कमांडर’ !
By Rohit Sharma November 11, 2024

बदल रही है युद्ध की प्रकृति और शैली, ज़रूरत है, ‘तक़नीकी रूप से निपुण सैन्य कमांडर’ !

in : युद्ध विज्ञान 0 478

भारत में दो राजसत्ताओं के बीच जीवन-मौत की लड़ाई चल रही है. इस लड़ाई में सैकड़ों लोगों/योद्धाओं की मौतें हो रही है. एक सत्ता जो प्रभावी तौर पर भारत की सत्ता पर काबिज है, और 'भारत सरकार' के बतौर देश की जनता के मेहनतकश की कमाई को लूटने, बखोटने के लिए एक से बढ़कर एक क

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'हमारे सामने चुनौतियां गंभीर हैं लेकिन सच यह भी है कि अवसर उससे भी ज्यादा पैदा हुए हैं' - गणपति
By Rohit Sharma October 5, 2024

'हमारे सामने चुनौतियां गंभीर हैं लेकिन सच यह भी है कि अवसर उससे भी ज्यादा पैदा हुए हैं' - गणपति

in : युद्ध विज्ञान 0 504

भारत के क्रांतिकारी आंदोलन के इतिहास में सीपीआई (माओवादी) के पूर्व महासचिव गणपति को वही दर्जा हासिल है, जो चारु मजुमदार का हुआ करता है. गणपति का वास्तविक नाम मुप्पला लक्ष्मण राव है. ये सीपीआई (माओवादी) के सैद्धान्तिक और रणनीतिक मामलों में सबसे विश्वसनीय और दूर

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पेजर बना बम ! अमित शाह के धमकी को हल्के में न लें माओवादी
By Rohit Sharma September 18, 2024

पेजर बना बम ! अमित शाह के धमकी को हल्के में न लें माओवादी

in : युद्ध विज्ञान 0 599

पेजर बना बम ! अमित शाह के धमकी को हल्के में न लें माओवादी युद्ध के दौरान मनुष्य का दिमाग काफी तेज चलता है. इतना तेज चलता है कि विश्वास तक करना मुश्किल हो जाता है कि क्या ऐसा भी हो सकता

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कहानी का कोना

लघुकथा

कम शब्दों में जीवन के बड़े अनुभव और संवेदनाएं।

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कथाकार व उपन्यासकार कैलाश वनवासी का समकालीन कथा साहित्य में एक जरूरी हस्तक्षेप

कथाकार व उपन्यासकार कैलाश वनवासी का समकालीन कथा साहित्य में एक जरूरी हस्तक्षेप

By Rohit Sharma March 15, 2026in : लघुकथा 0 12

हमारे समय के जरूरी कथाकार व उपन्यासकार साथी कैलाश वनवासी नवें दशक के उत्तरार्द्ध से आते हैं और समकालीन कथा साहित्य में एक जरूरी हस्तक्षेप के साथ अपनी मुकाम सुनिश्चित करते हैं. साथी का हिन्दी लेखन की दुनिया में आगाज़ न केवल कथा साहित्य व उपन्यास तक में ही सीमित

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UPSC में 301वां रैंक को लेकर जब आकांक्षा सिंह के सपने में आया ब्रह्मेश्वर सिंह

UPSC में 301वां रैंक को लेकर जब आकांक्षा सिंह के सपने में आया ब्रह्मेश्वर सिंह

By Rohit Sharma March 11, 2026in : लघुकथा 0 13

UPSC में 301वां रैंक को लेकर जब आकांक्षा सिंह के सपने में आया ब्रह्मेश्वर सिंह पूरे देश में 301वां रैंक को लेकर आकांक्षा सिंह की भयंकर बेइज्जती के बाद रात में आतंकी बाबा ब्रह्मेश्वर मुख

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एन्काउंटर

एन्काउंटर

By Rohit Sharma February 14, 2026in : लघुकथा 0 200

वसुधा, निक नेम से प्रकाशित इस कहानी की लेखिका का असली नाम विजयलक्ष्मी उर्फ भूमिका है. वे तेलंगाना आंदोलन के समय माओवादी आन्दोलन से जुड़ीं. यह दुखद इत्तेफाक है कि विजयलक्ष्मी उर्फ भूमिका 21 मई 2025 को सीपीआई माओवादी के महासचिव वासवराज के साथ एनकाउण्टर में ही खु

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धिक्कार

धिक्कार

By Rohit Sharma February 14, 2026in : लघुकथा 0 104

'पुलिस आ रही है, भागो, भागो...' गांव भर में यह आवाज गूंजी, और हर कोई सिहर उठा. पुलिस रेड जंगल के बीच बसे उस गांव के लिए नई नहीं थी. सिर्फ उसी गांव के लिए नहीं, किसी भी गांव के लिए नई नहीं थी, फिर भी सब डर गए. उस आवाज के पीछे हर बार जो गाली, अपमान और तबाही आती

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मैं रहूं न रहूं, पर लड़ाई ज़िंदा रहेगी : एक अपरिचय से परिचय तक की दहला देने वाली मुलाक़ात

मैं रहूं न रहूं, पर लड़ाई ज़िंदा रहेगी : एक अपरिचय से परिचय तक की दहला देने वाली मुलाक़ात

By Rohit Sharma February 7, 2026in : लघुकथा 0 221

मैं रहूं न रहूं, पर लड़ाई ज़िंदा रहेगी : एक अपरिचय से परिचय तक की दहला देने वाली मुलाक़ात यह कहानी किसी कल्पना की उपज नहीं है. यह कहानी है जंगल के उस सच की, जो नक्शों में नहीं मिलता और

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इतिहास तो आगे ही बढ़ता है...

इतिहास तो आगे ही बढ़ता है...

By Rohit Sharma January 5, 2026in : लघुकथा 0 441

इतिहास तो आगे ही बढ़ता है... ’माओवादियों के पुतले जलाते लोग’ अपने टैबलेट पर अखबार की हेडलाइन पढ़ते हुए सुधा ने उस खबर को 'जूम इन' किया. खबर के नीचे दी गई तस्वीर में काले कपड़े पहने बीएसए

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सवाल

सवाल

By Rohit Sharma August 16, 2025in : लघुकथा 0 294

सवाल 15 अगस्त के दिन, मोती और चिकारा स्कूल भ्रमण पर निकले. मोती: (छात्रों को देखते हुए) बच्चों ! आज हम देशभक्ति, विकास और आत्मनिर्भरता पर चर्चा करेंगे. रोहित: (हाथ उठाकर) मोती जी, आपने

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दो टांग वाला गधा

दो टांग वाला गधा

By Rohit Sharma April 12, 2025in : लघुकथा 0 899

दो टांग वाला गधा एक गधा था‌. इसे विधि की विडंबना कहिए या कुछ और कि उसके दो पैर और दो हाथ थे. इस कारण गधे, उसे गधा नहीं मानते थे और आदमी, उसे आदमी नहीं. दोनों तरफ़ से उसे लात पड़ती थी. इ

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आग का बीज

आग का बीज

By Rohit Sharma March 29, 2025in : लघुकथा 0 521

एक छोटे गांव में एक विधवा स्त्री पेलाग्रे रहती थी, जिसका बेटा पावेल मजदूरों की हड़ताल में शामिल हो गया था. गांव के जमींदार और पुलिस उसे ‘गद्दार’ कहते थे. पेलाग्रे पहले डरती थी, उसे लगता था कि उसका बेटा गलत रास्ते पर है. लेकिन एक रात पावेल घर आया, उसकी आंखों मे

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सोचेगा सिर्फ राजा...या फिर बागी, सोचना बगावत हुई

सोचेगा सिर्फ राजा...या फिर बागी, सोचना बगावत हुई

By Rohit Sharma March 19, 2025in : लघुकथा 0 386

मुखबिर की खबर पर, पुलिस बल थाने से निकला. सशस्त्र जवानों ने जंगल में उजाड़ खंडहर घेर लिया. एसपी साहब लाउडस्पीकर पर चीखे- हिलने की कोशिश की, तो भूनकर रख दूंगा. हाथ उठाये आधे दर्जन जघन्य विचारी बाहर आये. मुंह पर गमछा बांधे अपराधियों को अगले दिन पत्रकारों के सामने

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पुस्तक / फिल्म समीक्षा

किताबों और सिनेमा पर विचारपूर्ण समीक्षाएं।

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‘कास्ट एंड रिवोलुशन’ : जाति उन्मूलन का एक क्रान्तिकारी नज़रिया
By Rohit Sharma June 9, 2025

‘कास्ट एंड रिवोलुशन’ : जाति उन्मूलन का एक क्रान्तिकारी नज़रिया

in : पुस्तक / फिल्म समीक्षा 0 813

‘कास्ट एंड रिवोलुशन’ : जाति उन्मूलन का एक क्रान्तिकारी नज़रिया मनीष आज़ाद नक्सलबाड़ी आन्दोलन के दौरान जब कॉमरेड चारू मजूमदार के

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'नो अदर लैंड', तब जाएं तो जाएं कहां ?
By Rohit Sharma April 16, 2025

'नो अदर लैंड', तब जाएं तो जाएं कहां ?

in : पुस्तक / फिल्म समीक्षा 0 502

'नो अदर लैंड', तब जाएं तो जाएं कहां ? तानाशाहों को हमेशा लगता है कि कला जैसे उनके लिए काल बन कर आ रही है. इसलिये वे जब-तब कभी कलाकार पर तो कभी उसके काम पर हमला बोलते रहते हैं. पूरब से प

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दि फर्स्ट ग्रेडर : एक मर्मस्पर्शी फिल्म
By Rohit Sharma March 23, 2025

दि फर्स्ट ग्रेडर : एक मर्मस्पर्शी फिल्म

in : पुस्तक / फिल्म समीक्षा 0 452

दि फर्स्ट ग्रेडर : एक मर्मस्पर्शी फिल्म मनीष आज़ाद केन्या सरकार की सबको मुफ्त शिक्षा देने की घोषणा के बाद एक 84 साल के बुजुर्

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‘No Other Land’: A moment of hope and solidarity
By Rohit Sharma March 4, 2025

‘No Other Land’: A moment of hope and solidarity

in : पुस्तक / फिल्म समीक्षा 0 397

‘No Other Land’: A moment of hope and solidarity मनीष आज़ाद कल ‘बेस्ट डॉक्यूमेंट्री’ का ऑस्कर अवार्ड प्राप्त करते हुए ‘No Oth

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'छावा' : हिंदुओं की 'हीनता बोध' पर नमक मलने की कहानी
By Rohit Sharma March 2, 2025

'छावा' : हिंदुओं की 'हीनता बोध' पर नमक मलने की कहानी

in : पुस्तक / फिल्म समीक्षा 0 880

'छावा' : हिंदुओं की 'हीनता बोध' पर नमक मलने की कहानी मनीष आज़ाद 14 फरवरी को विकी कौशल अभिनीत फिल्म 'छावा' महाराष्ट्र, मध्य प्

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मौमिता आलम के ठंडे उत्तरों के पीछे खौलते सवालों की कविता
By Rohit Sharma February 9, 2025

मौमिता आलम के ठंडे उत्तरों के पीछे खौलते सवालों की कविता

in : पुस्तक / फिल्म समीक्षा 0 1,204

मौमिता आलम के ठंडे उत्तरों के पीछे खौलते सवालों की कविता । मूल्य 250/रूपये, प्रकाशन: न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन, अनुवाद: अमिता शीरीं मनीष आ

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‘पेदरो परामो’ बनाम पेदरो परामो यानी जादू बनाम यथार्थ
By Rohit Sharma November 12, 2024

‘पेदरो परामो’ बनाम पेदरो परामो यानी जादू बनाम यथार्थ

in : पुस्तक / फिल्म समीक्षा 0 346

‘पेदरो परामो’ बनाम पेदरो परामो यानी जादू बनाम यथार्थ मनीष आजाद 1955 में प्रकाशित, ‘उआन रुल्फो’ ( Juan Rulfo ) के मशहूर उपन्या

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कविताएं

भावनाओं, स्मृतियों और समय की आवाज़ से निकली कविताएं।

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विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

By Rohit Sharma March 22, 2026in : कविताएं 0 11

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज ! ईरान के पास 3000 किलोमीटर वाली मिसाइल है इज़रायल के पास 5000 किलोमीटर वाली मिसाइल है अमेरिका के पास 10000 किलोमीटर वाली मिसाइल होगी - मेरे लिए तो तीनों ही

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SEDITIOUS RIVER

SEDITIOUS RIVER

By Rohit Sharma September 7, 2025in : कविताएं 0 222

Seditious river In the hushed silence of the Seditious river Along the overgrowth The sail boat raises An ominous finger Pointing towards the Darkening sky And, sets upon A journey to n

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कौन है श्रेष्ठ ?

कौन है श्रेष्ठ ?

By Rohit Sharma July 31, 2025in : कविताएं 0 405

जिन्होंने खेतों में पसीना बहाया, लोहे को यंत्रों में ढाल सभ्यता को गति दी, पशु पालन से समाज को पोषित किया, जिन हाथों ने चमड़े को चप्पल में ढाला, कांटों भरी राहों को नरम बना गए रेशम-कपास से वस्त्र बुनें, सभ्यता को लज्जा और गरिमा दी जिन्होंने नाव बनाई, दूरियों क

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स्वप्न

स्वप्न

By Rohit Sharma June 25, 2025in : कविताएं 0 284

स्वप्न जिंदगी उसके लिए कड़ी धूप थी छाह की तलाश उसे हरदम रहती जो उसे स्वप्न में ही मिलती उस दिन स्वप्न में जब वह खड़ा था एक नीम छाह तले कोई जोर से चीखा तुमने मेरे लगाए पेड़ को अपवित्र कर दि

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ढक्कन

ढक्कन

By Rohit Sharma June 14, 2025in : कविताएं 0 374

बोतल का ढक्कन बहुत मामूली चीज है खोने पर हम इसे खोजते जरूर हैं लेकिन इसके लिए अपना कोई काम नहीं रोकते मामूली से मामूली काम भी नहीं जैसे बिस्तर पर उल्टी पड़ी तकिया को सीधा करना जल्दी ही हम इसे भूल भी जाते हैं और किसी कोने में पड़ी बोतल, ढक्कन के इंतजार में मुंह

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मैं तुम सबको देख रहा हूं -

मैं तुम सबको देख रहा हूं -

By Rohit Sharma June 4, 2025in : कविताएं 0 351

मैं तुम सबको देख रहा हूं - मैं तुम सबको देख रहा हूं. मैं तुम्हारा हर झूठ रिकॉर्ड कर रहा हूं. मैं तुम्हारी हर तोड़-मरोड़कर बताई गई बातों को संग्रहित कर रहा हूं. मैं इब्राहीम टरोरे हूं और

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आखिरी सलाम...

आखिरी सलाम...

By Rohit Sharma June 2, 2025in : कविताएं 0 330

आखिरी सलाम... कॉमरेड हम तुम्हें आखिरी सलाम भी नहीं दे पाये तुम भी तो हमारा इंतजार कर रहे होगे अख़बार में तुम्हारी खुली आंखे देख कर तो यही लगा लेकिन हम क्या करते हमारे तुम्हारे बीच सत्ता

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फटे जूते

फटे जूते

By Rohit Sharma May 20, 2025in : कविताएं 0 625

फटे जूते मेरे जुराबों के नीचे कई छेद हैं जिन्हें छुपाने की जद्दोजहद में फट गए हैं जूते मेरे मेरे जूतों और सड़क के बीच एक शत्रु भाव भी है और मित्रता भी दोनों एक दूसरे के पूरक हैं जिस समय

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नून रोटी

नून रोटी

By Rohit Sharma May 11, 2025in : कविताएं 0 361

सदाशिव के ध्यान में एक निहित वक्रोक्ति है जिस समय तुम किसी दिशा पटानी के तिर्यक में बरमूडा में भटके हवाई जहाज़ सा गोते लगाते हो मैं एक आग में झुलसी हुई स्त्री का चेहरा अपने हाथों में ले कर किसी नंदन वन की सैर पर हूं पूछोगे नहीं मुझसे कितनी घृणा है मुझे मुझ पर

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दिल्ली में कम्युनिस्ट

दिल्ली में कम्युनिस्ट

By Rohit Sharma May 10, 2025in : कविताएं 0 266

दिल्ली में कम्युनिस्ट होना सरल है बनिस्बत हमारे शहर के और भी कठिन है, हमारे जिले के किसी गांव के दिल्ली में कम्युनिस्ट से कोई नहीं घबराता है सोचते हैं कि कविता-वविता लिखता होगा अकादमियों में भाषण देता होगा शराब पी कर नारे लगाता होगा तब इसे ज्यादातर लोग मत्त सम

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